उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पूर्व में भी तूफान ताऊते को लेकर पूरे ब्रज क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। वहीं इस बार यह अलर्ट 24 मई से 28 मई के बीच आने वाले तूफान यास को लेकर जारी किया गया है। दरअसल इन दिनों के बीच भयंकर तूफान आने की संभावना है। वहीं शासनादेश की ओर से इन 27 जिलों के जिलाधिकारियों को जरूरी तैयारी करने के दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।मौसम विभाग की ओर से इन जनपदों के जिलाधिकारियों और राहत आयुक्त को चेतावनी दी गई है। साथ ही लोगों को भी सचेत किया गया है कि वह मौसम पर निगाहें बनाए रखें जितना संभव हो सके उतना सुरक्षित स्थानों पर रहें।
मौसम विभाग की ओर से यह चेतावनी मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल, बदायूं, कासगंज, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, जौनपुर, आंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, संत कबीर नगर, महराजगंज और कुशीनगर जनपद को जारी की गई है।मिली जानकारी के मुताबिक चक्रवात ‘यास’ का असर 28 मई से पहले बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखा जाएगा।वहीं मौसम विभाग का अनुमान यह है कि इसका असर वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ ही गोरखपुर, प्रयागराज और लखनऊ तक दिखने के आसार हैं। वहीं यह भी बताया गया कि जैसे जैसे चक्रवात पश्चिम की ओर बढ़ेगा इसका असर कम होता जाएगा।
बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर और मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय ने मीडिया को बताया कि इस दौरान तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं जिस क्षेत्र में हवा का दवाब कम होगा वहां तेज बारिश का भी रुख देखा जा सकता है। हालांकि मई में चक्रवातों के चलते मौसम बदलते देख लोगों द्वारा मानसून के पहले आने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन मौसम विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि मानसून समय से पहले नहीं आएगा। मई महीने में मौसम के रुख में जो परिवर्तन देखा जा रहा है वह कहीं ना कहीं चक्रवात की वजह से नजर आ रहा है।यह जानकारी लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जे पी गुप्ता ने दी है कि उत्तर प्रदेश में 20 जून के आसपास मानसून आने की सामान्य तिथि है।