Home » विशेष सदन में टोरंट पावर पर जमकर बरसे पार्षद, 220 करोड़ का किराया वसूलने का प्रस्ताव हुआ पास

विशेष सदन में टोरंट पावर पर जमकर बरसे पार्षद, 220 करोड़ का किराया वसूलने का प्रस्ताव हुआ पास

by admin
Councilors rained heavily on torrent power in special house, proposal to collect rent of 220 crores passed

आगरा। पार्षदों द्वारा 4 दिसंबर को बुलाए गए विशेष सदन की स्थगित बैठक बुधवार को हुई जिसमें आगरा शहर में विद्युत सप्लाई करने वाली टोरेंट पावर कंपनी से 220 करोड रुपए किराया वसूलने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव रखने के दौरान सभी पार्षदों ने टोरंट कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कि टॉरेंट पावर की ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना करते हुए कहा कि ‘यह काले अंग्रेज हैं जो लोगों को परेशान कर रहे हैं।’

टोरेंट पावर को लेकर 8 दिसंबर को हुए विशेष सदन में कई फैसले किए गए। सदन की अध्यक्षता कर रहे महापौर नवीन जैन ने निर्देश दिए कि रोड कटिंग करने पर टोरंट की जगह अब नगर निगम सड़क बनाएगी, जिसका हर्जा-खर्चा टोरंट कंपनी से वसूला जाएगा। नालों से बिजली की केबल हटाने के लिए नोटिस दिया जाएगा। टोरंट टीम द्वारा जांच के नाम पर गुंडागर्दी करने पर कंपनी के चेयरमैन व डायरेक्टर के खिलाफ पार्षदों द्वारा एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।

टॉरेंट पावर कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए महापौर नवीन जैन ने कहा कि आगरा शहर की जमीन टोरंट की बपौती नहीं है। एक-एक इंच जमीन का किराया हम वसूलेंगे। 2021 दिसंबर तक की पैमाइश करा कर किराया वसूलने का रिमाइंडर भेजेंगे। अगर टोरंट किराया जमा नहीं कराएगा तो आरसी जारी करके वसूला जाएगा। नगर निगम के जो अधिकारी कर्मचारी टोरंट पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

सदन में पार्षद राकेश जैन ने टोरंट पावर के खिलाफ शिकायत रखी कि टोरेंट पावर एक तो वैसे ही लोगों को जीने नहीं दे रही है तो वहीं दूसरी ओर जहां पर मरने के बाद लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है, उस मोक्षधाम जैसी जगह पर लाइन शिफ्ट करने के लिए टोरंट ने 12 लाख रुपए का चार्ज ले लिया। क्या इनकी कोई सामाजिक जिम्मेदारी नहीं है। अगर इन्हें बिजनेस ही करना है तो नगर निगम को किराया भी देना होगा।

पार्षद अनुराग चतुर्वेदी का कहना था कि नवीन आगरा पर सबसे ज्यादा कुठाराघात टोरंट ने किया है तुरंत लोगों को करंट दे रहा है। ब्रिटिश कंपनी ईस्ट इंडिया की तरह मनमानी की जा रही है। सड़कों को खोदकर मानकों के मुताबिक मरम्मत नहीं करते।

टोरेंट से 220 करोड रुपए का किराया वसूलने का प्रस्ताव पास होने पर टोरेंट पावर कंपनी के उपाध्यक्ष शैलेश देसाई का कहना है कि किराए के लिए सरकार की गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा। अभी तक ट्रांसफार्मर व खंबो के किराए की प्रक्रिया पूरे देश में कहीं भी लागू नहीं है।

Related Articles