Agra. मौत की मॉक ड्रिल ( Mock drill) मामले में पारस हॉस्पिटल के खिलाफ़ कांग्रेस पार्टी (Congress) ने जांच समिति द्वारा पारस हॉस्पिटल को क्लीन चिट दिए जाने के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। जिला व शहर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय ( Collectrate) के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और स्थानीय प्रशासन के साथ साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ता ‘योगी मोदी मुर्दाबाद’ और ‘योगी मोदी सरकार हाय हाय कर’ अपना आक्रोश जता रहे थे तो चिकित्सक अरिंजय जैन ( Arinjay Jain) को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे थे। जिलाधिकारी आगरा पीएन सिंह को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं आड़े हाथ लिया और पीड़ितों पर भी पारस की तरह कृपया बरसाने की मांग करने लगे। कांग्रेसियों के प्रदर्शन को देखते हुए फोर्स भी तैनात रहा। प्रदर्शन के बाद जिला अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के लिए जिला मुख्यालय कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें जिलाधिकारी नहीं मिले जिससे कांग्रेसियों रोष फैल गया और उन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।

जिला अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू का कहना था कि कांग्रेसियों का पूर्व घोषित कार्यक्रम था और इस कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी को ही ज्ञापन लेना था लेकिन जिला अधिकारी इस प्रदर्शन की सूचना पर सीट छोड़कर ही चले गए और अपनी अनुपस्थिति में अन्य प्रशासनिक अधिकारी को तैनात कर गए है। जिलाधिकारी की इस कार्यप्रणाली से ही यह सवाल खड़े होते हैं कि पारस हॉस्पिटल की जांच कैसे हुई होगी और इस हॉस्पिटल की जांच प्रशासन कर रहा है जो इस पूरे मामले में शामिल है तो यह सोचना कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी बेइमानी है।
जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू ने कहा कि कांग्रेस इस जघन्य सामूहिक नरसंहार की श्रेणी में आने वाले अपराध पर शांत नहीं बैठेगी। शासन-प्रशासन की मिलीभगत का पर्दाफाश किया जाएगा।
शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू का कहना था कि इस मामले में प्रशासन की जांच टीम ने डा. अरिंजय जैन के वायरल हुए वीडियो ( Viral video) की जांच तक नहीं की और न ही पीड़ितो से वार्ता कर उनके बयान दर्ज किए गए। अब तो अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज भी गायब है और जांच में लीपापोती कर अस्पताल संचालक को सत्ता के दबाव में बचाया जा रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार पूरी तरह से अत्याचार और शोषण पर उतारू है और स्थानीय प्रशासन इस कवायद को अमलीजामा पहना रहा है।

प्रदेश सचिव अमित सिंह ने तो साफ कहा कि प्रभु की कृपा पूरी तरह से पारस हॉस्पिटल पर बरस रही है। इसलिए तो कोरोना की पहली लहर में इस हॉस्पिटल को सील किया गया जबकि हॉस्पिटल संचालक पर गंभीर आरोप थे और उसकी सील भी खुल गई। कोरोना की दूसरी लहर आने पर प्रशासन ने फिर इसे कोविड सेंटर बनाया और नतीजा सभी के सामने है लेकिन जिला अधिकारी पीएन सिंह को यह कुछ भी दिखाई नहीं देता है।
पारस अस्पताल के संचालक डा. अरिंजय जैन के मौत की मॉक ड्रिल से संबंधित वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद ही कांग्रेस सक्रिय हो गई थी। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा ट्वीट करने के बाद मामला गर्मा गया था। कांग्रेसियों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को थाना न्यू आगरा में तहरीर दी थी। जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे विडंबना बताया था और इंक्वायरी की मॉक ड्रिल करने का ट्वीट किया था।