Agra. आगरा में प्रतिष्ठित मठ मन्दिर मनकामेश्वर और रामलीला कमेटी के बीच मठ मंदिर के बारादरी प्रांगण को लेकर चल रहे विवाद में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। ADG स्तर पर हुई कार्यवाही के बाद पुलिस व रक्षा संपदा विभाग की जांच के बाद पुलिस की ओर से मठ मंदिर स्थित दालान परिसर को फर्जी कागजात से कब्जाने का प्रयास करने वाले रामलीला कमेटी के महामंत्री श्रीभगवान अग्रवाल सहित चार लोगों के विरूद्ध थाना मंटोला में धारा 406, 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मुकदमे के बाद रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
आपको बताते चलें कि मनकामेश्वर मंदिर शहर के चार शिव मंदिरों में से एक है। काफी समय से श्री मनःकामेश्वर मठ मन्दिर प्रशासन और रामलीला कमेटी के बीच मठ मंदिर के बारादरी प्रांगण से सटे दालान व कमरों को लेकर विवाद चल रहा है। मंदिर मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने इस मामले की शिकायत ADG महोदय से की थी। मामले की गंभीरता को लेते हुए ADG महोदय ने एसएसपी को जांच करने के निर्देश दिए जिसके बाद एसपी सिटी के इस पूरे मामले की जांच की।
मंदिर मठ प्रशासक हरिहर पुरी का कहना था कि मठ मंदिर के बारादरी प्रांगण से सटे दालान व कमरों की भूमि मंदिर की थी लेकिन इस भूमि को कब्जाने की नीयत से रामलीला कमेटी के श्रीभगवान अग्रवाल एवं उनके साथियों ने एक फर्जी बिल्डिंग मास्टर प्लान तैयार कराया और इसी के माध्यम से शासन एवं प्रशासन के उच्चाधिकारियों को विगत कई वर्षों से भ्रमित करते हुए आये है। इसी कूटरचित मन्तव्य के साथ मठ मन्दिर की बारादरी स्थित जमीन पर अपना कब्जा कर लिया।
मंदिर मठ प्रशासक हरिहर पुरी का कहना था कि इस मामले को लेकर उन्होंने भारत सरकार के रक्षा संपदा विभाग में आरटीआई के माध्यम से फर्जी बिल्डिंग के मास्टर प्लान नक्शे की जानकारी जुटाई तो पता चला कि बिल्डिंग मास्टर प्लान नक्शा विभाग के द्वारा जारी ही नहीं किया गया बल्कि वह नितान्त फर्जी है। उक्त दालान परिसर प्रांगण भारत सरकार के रक्षा सम्पदा विभाग के अनुसार मन्दिर की सम्पत्ति है परन्तु रामलीला कमेटी के श्रीभगवान अग्रवाल एवं उनके साथियों राजीव अग्रवाल , अतुल बंसल, योगेश कुमार ने विभाग के कुछ अधिकारियों के तबादले के उपरान्त ही चक्रव्यूह की रचना प्रारम्भ कर दी थी। चक्रव्यूह में श्रीभगवान अग्रवाल एवं उनके साथियों के द्वारा सबसे पहले जनपद के जिलाधीश/जिलाधिकारी को गुमराह करते हुए, उक्त परिसर को अपना बताया तथा फर्जी नक्शा दिखाकर साबित करने की कोशिश करते हुए उक्त मठ मन्दिर की सम्पत्ति को कब्जाने का प्रयास किया।
इस पूरी घटना की पूरी जांच होने पर पता चला कि रामलीला कमेटी के पदाधिकारी अभी तक फर्जी नक्शे के माध्यम से मन्दिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। स्थिति साफ होने के बाद पुलिस प्रशासन ने खुद थाना मंटोला में धारा 406, 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 के तहत रामलीला कमेटी के महामंत्री श्रीभगवान अग्रवाल, मंत्री राजीव अग्रवाल, अतुल बंसल मुकदमा दर्ज किया गया है।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर मठ मन्दिर के प्रशासन काफी उत्साहित है। मठ मंदिर के प्रशासक हरिहर पुरी का कहना है कि आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है। वर्षों बाद इन्साफ मिला है उन्होंने कहा कि यह बाबा श्री मनः कामेश्वरनाथ का आशीर्वाद एवं अन्याय पर न्याय की जीत है।

