Home राजनीति कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों को लेकर यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, गुमराह करने का लगाया आरोप

कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों को लेकर यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, गुमराह करने का लगाया आरोप

by admin
Youth Congress surrounds the central government regarding the death toll from Corona, accusing it of misleading

Agra. यूथ कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप गया है। यूथ कांग्रेस आगरा के पदाधिकारियों की ओर से एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई और मोदी सरकार पर कोरोना संक्रमण काल में कोरोना से हुई मौत के आंकड़े छुपाए जाने को लेकर हमला बोला गया। यूथ कांग्रेस के आगरा शहर अध्यक्ष दीपक शर्मा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘कोरोना संक्रमण जब से आया तभी से मोदी सरकार कोरोना से मरने वाले लोगों का आंकड़ा छुपा रही है। मोदी सरकार का झूठ डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ संगठन की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट से खुल गया है।’ यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों का आरोप है कि डब्ल्यूएचओ ने भारत में कोरोना संक्रमण से हुई मौत का आंकड़ा जारी किया है जबकि भारत सरकार ने उससे 10% कम ही आंकड़े जारी किए हैं।

यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की हुई मौत का आंकड़ा छिपाकर देश के हर व्यक्ति के साथ घिनौना खेल खेल रही है। उनके द्वारा जनता को गुमराह करके छल किया जा रहा है। मोदी सरकार की यह रिपोर्ट एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है। भारत सरकार ने अभी तक मृतकों को मुआवजा नहीं दिया जबकि देश में प्राकृतिक आपदा राहत कोष से मृतकों के लिए चार लाख मुआवजा देने का प्रावधान है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित सिंह का कहना था कि मोदी सरकार की ओर से कोरोना संक्रमित पीड़ितों के लिए पीएम केयर्स फंड बनाया था जिसमें हजारों करोड़ों रुपया अभी भी जमा है लेकिन सरकार ने इन रुपयों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नहीं किया जबकि दूसरी और तीसरी कोरोना संक्रमण लहर में ऑक्सीजन की कमी सिस्टम की कमी दवाइयों की कमी से न जाने कितने लोगों की मौत हो गई।

प्रेस वार्ता के दौरान यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 जून 2021 को आदेश जारी किया था कि कोरोना से मरने वाले परिवार को मुआवजा दिया जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को भी केंद्र सरकार ने नहीं माना। आज तक कोरोना से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को किसी भी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिली है। इससे साफ है कि सरकार हर मुद्दे पर आम जनता को गुमराह कर रही है और जो लोग इसकी आवाज उठाते हैं, वह उनकी नजरों में देशद्रोही हो जाते हैं।


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