आज 7 जुलाई का दिन दुनिया के सबसे बड़ा आश्चर्य के लिए है ख़ास, कोविड-19 से हुआ वीरान

आगरा। आज 7 जुलाई का दिन संपूर्ण भारत के लोगों के साथ आगरा के लोगों के लिए ख़ास होने के साथ अपने आप पर गर्व करने का भी दिन है। 7 जुलाई 2007 को शाम तीन बजे ताजमहल के दुनिया का नम्बर वन स्मारक होने की ख़ुशी आगरा की झोली में थी। शहर में जश्न शुरू हो गये थे, पर्यटन को पंख लगे और शहर के नौजवानों को रोज़गार भी मिलने लगा लेकिन आज की स्थिति विपरीत हो गयी है। मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार करने वाले आज उसके दीदार को तरस रहे है। कोरोना संक्रमण के कारण ताजमहल अभी खुला नहीं है और पर्यटन व्यवसाय की कमर पूरी तरह से टूट गयी है। पर्यटन से जुड़े लोग ताजमहल के साथ अन्य स्मारकों के खुलने का इंतजार कर रहे है। 2007 में जो उपलब्धि भारत ने हासिल की उसके कुछ पलों को लोकस्वर के संस्थापक व अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने मून ब्रेकिंग के साथ साझा किये।

बताया जाता है कि प्राकृतिक और मानव निर्मित विश्व के सात अजूबों को लोगों को सामने लाने का विचार हेरोडोटस और कल्लिमचुस को आया था। प्राचीन विश्व के सात आश्चर्य, प्राचीन पुरातनता के सबसे उल्लेखनीय मानव निर्मित कृतियों की पहली सूची बनी जिसमें भूमध्य सागर के आसपास स्थित निर्माण शामिल है। सात की संख्या को इसलिए चुना गया था क्योंकि यूनानियों ने इसे माना था। इस तरह की कई सूचियाँ मध्ययुगीन व आधुनिक विश्व में बनी।

लोकेस्वर संस्था के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि 21वीं सदी शुरू होने से पहले 1999 में सात अजूबे को नए तरीके से सबके सामने लाने की बात शुरू हुई। इसके लिए स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिक में न्यू 7 वंडर फाउंडेशन बनाया गया। कनाडा में एक साईट बनवाई, जिसमें विश्व भर की 200 कलाकृति शामिल थी। इनमे से न्यू 7 वंडर चुनने के लिए न्यू 7 वंडर फाउंडेशन द्वारा पॉपुलैरिटी पोल शुरू हुआ जो एक वोटिंग पोल था। यह वोटिंग पोल 2000 से 2007 तक चला। न्यू 7 वंडर फाउंडेशन के अनुसार इस ऑनलाइन पोलिंग वोट अभियान में लगभग 100 मिलियन लोगों ने नेट एवं फोन के द्वारा अपना वोट दिया। यह वोटिंग 7 जुलाई 2007 तक चली। न्यू 7 वंडर फाउंडेशन ने 7 जुलाई 2007 को लिस्बन पुर्तगाल में विजेताओं की घोषणा की गई और ताजमहल विश्व के 7 आश्चर्य चकित अजूबों में पहले स्थान पर रहा।

Old Image of TajMahal

राजीव गुप्ता बताते है कि तत्कालीन आगरा की मेयर अंजुला माहौर थी जिन्होंने ताजमहल के विश्व के आश्चर्यचकित अजूबा होने का खिताब के साथ पुरस्कार व मेडल प्राप्त किया। वो क्षण आगरा व भारतीयों के लिए गर्व का समय था। आज यह पुरस्कार जोहंस पब्लिक संग्रहालय पालीवाल पार्क में रखा हुआ है। 14 साल बाद भी संस्था के लोग उस समय को याद कर रोमांचित हो जाते है और शहर के लोगों के लिये कृतज्ञता प्रकट करते है।

राजीव गुप्ता कहते हैं कि ताजमहल विश्व के 7 वंडर में प्रथम स्थान पर आए इसके लिए तत्कालीन आयुक्त सीताराम मीना, जिला अधिकारी मेश्राम व उप जिलाधिकारी नगर राजीव रौतेला ने काफी मेहनत की। इसके लिए लोगों को जागरूक बनाया गया और सामजिक संस्था के सहयोग से लोगों से अधिक से अधिक ताजमहल के लिए वोटिंग कराई और उसका नतीजा रहा कि ताजमहल ने पहला स्थान हासिल किया। आज उन सभी प्रशासनिक अधिकारियों व समाजसेवी किशनचंद जैन का सहयोग व टीम वर्क प्रतिवर्ष 7 जुलाई को याद आता है।

राजीव गुप्ता ने कहा कि देश के स्मारकों को कुछ शर्त के साथ खोलना चाहिए ताकि पर्यटन के साथ देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

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