दिव्यांग, तलाकशुदा और विधवा-विधुर के लिए इस संस्था ने किया परिचय सम्मेलन का आयोजन

आगरा। यमुना पार स्थित लक्ष्मी वाटिका में संकट मोचन सेवा संस्थान द्वारा माथुर वैश्य समाज का वैवाहिक परिचय समारोह का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में गुरु शरणानंद जी महाराज और विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर नवीन जैन पहुंचे। इस कार्यक्रम की विशेषता यह थी कि यह परिचय समारोह समाज के उन महिला पुरुष के लिए रखा गया था जोकि दिव्यांग, तलाकशुदा, विधवा या विधुर हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि शरणानंद जी महाराज और विशिष्ट अतिथि महापौर नवीन जैन के साथ आयोजक वीरेंद्र गुप्ता ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर की। इसके बाद महापौर नवीन जैन और आयोजन के पदाधिकारियों ने शरणानंद जी महाराज से आशीर्वाद लिया।

अपने उद्बोधन के दौरान महापौर नवीन जैन ने कहा कि आगरा की धरती पर किसी समाज द्वारा दिव्यांग, तलाकशुदा और विधवा विधुर की चिंता करते हुए पहली बार इस तरह का कार्यक्रम किया जा रहा है। महापौर ने आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर सभी समाज इसी तरह से समाज सेवा के दिशा में कदम बढ़ाए तो कोई भी इंसान दुखी नहीं रहेगा। महापौर ने आज दांपत्य जीवन में बढ़ते तलाक के मामले पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि खासतौर से सामूहिक विवाह और परिचय सम्मेलन कराने वाली संस्थाओं को पूर्ण जिम्मेदारी और ध्यान पूर्वक आयोजन कराने चाहिए ताकि दो परिवार टूटने के कगार पर ना आए।

वहीं गुरु शरणानंद जी महाराज का कहना था कि दांपत्य जीवन के बिना संसार की परिकल्पना नहीं की जा सकती। सभी संस्कारों की तरह विवाह भी एक तरह का संस्कार है और विवाह सूत्र में बंध जाने के बाद पति और पत्नी दोनों को अपने धर्म का निर्वाह करते हुए दांपत्य जीवन जीना चाहिए। शरणानंद जी ने समाज में नारी उत्थान पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि हमारी भारतीय संस्कृति हमेशा से ही नारी पूजन का विशेष महत्व देती रही है और उसी परंपरा पर चलते हुए हम समाज को सही दिशा में ले जा सकते हैं। इसी महत्व के अभाव में आज कुसंस्कार चारों ओर बढ़ रहा है।

इस मौके पर मुरारी लाल फतेहपुरिया, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, रवि प्रकाश अग्रवाल, टी एन अग्रवाल, सत्यवीर गुप्ता, अभिषेक कुमार गुप्ता, बसंत गुप्ता एडवोकेट आदि लोग मौजूद रहे।

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