अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान पाने को उत्तर भारत का ऐतिहासिक आयोजन आज भी कर रहा है इंतजार

आगरा। उत्तर भारत के भव्य कार्यक्रमों में शुमार आगरा की ऐतिहासिक रामलीला, राम बरात, जनकपुरी आयोजन और दशहरा उत्सव अभी भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान के लिए इंतजार कर रहा है। यूं तो यह आयोजन अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इस दौरान आगरा आए हुए पर्यटक किसी न किसी रूप में इसकी जानकारी भी लेते हैं और इसकी झलक पाने को भी बेताब रहते हैं लेकिन केवल राम बरात, रामलीला या जनकपुरी को देखने के लिए पर्यटक आगरा आए फिलहाल अभी तक ऐसा देखने को नहीं मिला है ।आगरा के पर्यटन व्यवसाय मानते हैं कि आगरा में होने वाला यह भव्य आयोजन पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ा कार्यक्रम है जिसके माध्यम से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा कहते हैं कि पर्यटन के दृष्टिकोण से यह आयोजन पर्यटकों को न केवल भारतीय संस्कृति से जुड़ेगा बल्कि रात्रि विश्राम भी बढ़ाएगा। वहीं एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राजीव सेठी कहते हैं कि अभी तक यही कहा जाता है कि आगरा में रात्रि के दौरान कोई ऐसा कार्यक्रम या स्थान नहीं है जहां पर्यटक आ जा सके। ऐसे में रामलीला का पूरा आयोजन कहीं ना कहीं पर्यटकों को एक बड़ा प्लेटफार्म देता है, जिससे कि वह भारतीय संस्कृति व सभ्यता से जुड़ते हैं तो वहीं अपनी शाम को भी आनंदित कर सकते हैं।

हालांकि पर्यटन व्यवसाई मानते हैं कि इस आयोजन में पर्यटकों को जोड़ा तो जा सकता है लेकिन सबसे बड़ा कारण सुरक्षा का है। रामलीला व जनकपुरी आयोजन समिति यदि थोड़ा प्रयास करें तो पर्यटकों को यहां लाया जा सकता है।पर्यटन व्यवसाई अवनीश शिरोमणि व सुरेश खन्ना कहते हैं केवल उन्हें एक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है जिससे कि उनके साथ कोई घटना ना हो।

पर्यटन व्यवसाई कहते हैं कि अभी तक रामलीला के कार्यक्रमों को टूरिज्म के कैलेंडर पर नहीं डाला गया है। यदि आगरा की रामलीला राम बरात, जनकपुरी आयोजन व दशहरे को पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और अगले 5 वर्षों की तिथियों को अभी से ही प्रचारित करना शुरू कर दिया जाए तो पर्यटकों के लिए यह आयोजन कहीं ना कहीं ताज महोत्सव से भी बड़े साबित हो सकते हैं और यह पर्यटकों को अच्छी संख्या में आकर्षित कर सकते हैं।

गौरतलब है कि विदेशी पर्यटक आमतौर पर भीड़भाड़ से दूर रहना ही पसंद करते हैं लेकिन भारतीय संस्कृति और भारतीय उत्सव को वे न केवल काफी पसंद करते हैं बल्कि इन से जुड़ना भी चाहते हैं। ऐसे में केवल थोड़ी सी व्यवस्था कर जनकपुरी आयोजन समिति व पर्यटन विभाग आगरा के पर्यटन को एक नई ऊर्जा दे सकता है। जिससे कि न केवल यहां का रात्रि विश्राम बढ़ेगा, बल्कि यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाएगा और आगरा के कारोबार को भी तरक्की देगा।

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