अपनी सच्चाई बताकर भीड़ में क्यों रोये राजकुमार चाहर, देखे ये खबर

आगरा। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर भीड़ के सामने वोट मांगते मांगते अचानक भावुक हो गए।

फतेहपुर सीकरी का भाजपा प्रत्याशी और जनता का राजकुमार भरी सभा में रो पड़ा। दरअसल मौका था मंगलवार को शमशाबाद के धीमिश्री में चुनावी जनसभा का।

चुनावी जनसभाओं को संबोधित करने के लिए सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आये थे।

केशव प्रसाद मौर्य उद्बोधन से पहले भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चाहर को मंच पर बोलने के लिए मौका दिया गया।

माता यशोदा, सती मैया, गिर्राज महाराज और भारत माता की जय के साथ में राजकुमार चाहर ने अपना उद्बोधन शुरू किया।

हाथ जोड़कर मंच पर चरणों में शीश झुका कर जनता को नमन किया। आभार व्यक्त किया भाजपा के उस राष्ट्रीय नेतृत्व जिसने टिकट दिया।

राजकुमार चाहर ने पहले मोदी का गुणगान किया और कहा बाल्मीकि पैर धोकर जिसने इतिहास रचा हो यह देश का सबसे बड़ा सम्मान है।

राजकुमार ने अपनी व्यक्तिगत बातें मंच से शुरू की। अपना इतिहास गिनाया और कहा कि जब मैं पढ़ता था तो लोग मुझसे पूछते थे पिता क्या करते थे।

मैं कहता था कि पिता सरकारी नौकर है। सीआरपीएफ में थे।

मगर केशव प्रसाद मौर्य और जनता के सामने रोते रोते राजकुमार चाहर बोले कि वर्षों तक मैंने जो बात छुपाई रखी आज मैं वह सच्चाई बताना चाहता हूं।

कि राजकुमार के पिता चौकीदारी किया करते थे। राजकुमार चाहर मंच से रो रहे थे। तो जनता राजकुमार चाहर को देख रही थी।

और पूरा मंच की निगाहें राजकुमार चाहर पर थी। राजकुमार चाहर ने कहा कि आज मुझे गर्व है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी आदमियों को चौकीदार बना दिया।

और यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मेरे पिता चौकीदारी किया करते थे। राजकुमार का भाषण भावुक था।

आंखों से आंसू थे, गला रूंध चुका था तो अपना व्यक्तिगत परिचय देकर राजकुमार मैदान में अपनी ताकत भी दिखा रहा था।

अंत के भाषण में राजकुमार ने कहा कि मैं मजदूर किसान और गरीब का बेटा हूं। आपका अपना बेटा हूं।

एक बार मुझे सेवा का मौका दे दो। मैं कभी आपको पीठ नहीं दिखाऊंगा मैं कभी आपको छोड़कर नहीं जाऊंगा।

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