अभी और हादसों का इंतजार कर रहा है रेलवे

आगरा। एशिया को सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क भारतीय रेल अब इन दिनों हादसों की रेल बन गई है। मानव रहित रेलवे क्रासिंग से गुजरते वक्त रेलगाड़ी वाह वाहनों के टकरा जाने से अब तक हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद भी रेल प्रशासन अभी भी मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर किसी कर्मचारी की तैनाती और रेल ओवर ब्रिज बनाने की जहमत नहीं उठा रहा है। इस कारण मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। रेलवे के अगर काले अध्याय को पलटने शुरू करें तो कोई भी साल ऐसा नहीं गया जब किसी मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हादसा न हुए हों।

गुरूवार को यहां हुआ हादसा

प्रदेश के पूर्वी जिले कुशीनगर में स्कूली वैन के पैसेंजर ट्रेन से टकरा जाने के चलते 13 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई और आधा दर्जन से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कुशीनगर के विशुनपुरा के दुदही में मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हुआ।

आखिर कब बनेगा रुई की मंडी पर आरओबी 

शहर के व्यस्ततम इलाके शाहगंज स्थित रुई की मंडी फाटक से नगला छउआ होकर ईदगाह बस स्टैंड या खेरिया मोड़ तक जाने वाले मार्ग पर अधिक भीड़ होने के कारण फाटक पर लगाया गया है। लेकिन सबसे अधिक व्यस्त रहने के कारण कुछ वाहन फाटक के अंदर भी रुक जाते हैं। वहीँ फाटक बंद करने को लेकर कई बार गेटमैन से आम लोगों की मारपीट के मामले भी सामने आए हैं।

इस संदर्भ में जानकारी करने पर आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. संचित त्यागी ने बताया कि आगरा मंडल में कुल रेलवे क्रासिंग की संख्या 434 है। जिसमें सात मानव रहित हैं। यह सभी सातों मानव रहित रेलवे क्रासिंग आगरा से बटेश्वर जाने वाले रेलखंड पर है। जिन्हें आगामी सितंबर 2018 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। उनके स्थान पर आरओबी बनाए जा रहे। वहीं इसी क्रम में इलाहाबाद मंडल के जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मंडल में कुल रेलवे क्रॉसिंग की संख्या 349 है। जिसमें 57 मानव रहित रेलवे क्रासिंग हैं। मानव रहित रेलवे क्रासिंग सभी ब्रांच लाइन में हैं। जोकि बरहन से एटा शिकोहाबाद से फर्रुखाबाद और अलीगढ़ से चंदौसी रेलखंड पर हैं। जिन्हें भी आगामी समय में जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा। इसके लिए मानव रहित रेलवे क्रासिंग मित्रों को तैनात किया गया।

ये हुए मानव रहित रेलवे क्रसिंग पर हादसे

4 नवम्बर 2009- जयपुर से दिल्ली जा रही मांडूरी एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। 

21 अक्टूबर 2009- उत्तर प्रदेश के बंजाना में गोवा एक्सप्रेस और मेवाड़ एक्सप्रेस के बीच टक्कर हो जाने से उसमें सवार कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई। 

9 मार्च 2010- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में उटारीपुरा के निकट एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और रेलगाड़ी के बीच टक्कर हो जाने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। 

19 जुलाई 2010- पश्चिम बंगाल के सैथिया में वनांचल एक्सप्रेस और उत्तरबंग एक्सप्रेस के बीच टक्कर हो जाने से कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई। 

3 जून 2010- तमिलनाडु में एक मिनी बस और रेलगाड़ी के बीच टक्कर हो जाने से 5 लोगों की मौत हो गई। 

20 सितम्बर 2010- एक रेलगाड़ी और एक मालगाड़ी के बीच टक्कर हो जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 53 घायल हो गए। यह हादसा मध्य प्रदेश के भदरवाह रेलवे स्टेशन पर हुआ था। 

22 मई 2010- बिहार के मधुबनी जिले में एक मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर हुए रेल हादसे में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। 

29 जनवरी 2011- कानपुर के भोगनीपुर तहसील में एक मानवरहित रेलवे क्रासिंग के पास जनसाधारण एक्सप्रेस ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी जिससे 2 लोगों की मौत हो गई। 

6 जुलाई 2011- उत्तर प्रदेश के कांशीराम नगर जिले में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर तेज रफ्तार ट्रेन ने बारत से लौट रही बस को टक्कर मार दी जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई और लगभग 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये। 

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