Agra. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दावे आगरा में हवा-हवाई साबित होते दिख रहे हैं। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों को गैस की किल्लत बता कर के वापस किया जा रहा है जिससे गंभीर मरीज मौत और जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। रविवार रात को ऐसा ही एक मामला देखने को मिला। एसएन मेडिकल इमरजेंसी के सामने मथुरा से पहुंचे मरीज को गेट से ही यह कहते हुए वापस कर दिया कि इमरजेंसी के अंदर ऑक्सिजन गैस नहीं है। मरीज की हालत काफी गंभीर थी इसके बावजूद एसएन मेडिकल ने मरीज को लेने से मना कर दिया। इसके साथ ही हार्ट के एक मरीज को काफी समय तक एसएन मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती करने को जद्दोजहद होती रही, अंत में डॉक्टर द्वारा एडमिट नहीं करने पर मरीज ने इमरजेंसी के गेट पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक के मरीज के परिजनों ने बताया कि वहां मथुरा से अपने मरीज को लेकर के आगरा की एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लाए थे लेकिन डॉक्टरों ने ऑक्सीजन गैस नहीं होने की बात कहकर मरीज को वापस कर दिया है। वहीं मृतक हार्ट पेशेंट के बेटे ने बताया कि उनके पिता को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए बेहतर इलाज के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज लाये थे लेकिन एसएन इमरजेंसी ने उन्हें बिना देखे ही लौटा दिया, जिसके थोड़ी देर बाद ही उनके पिता ने गेट पर ही दम तोड़ दिया।
आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह लगातार आगरा के स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। आगरा के एसएन मेडिकल से लेकर सभी कोविड-19 सैंटरो और निजी अस्पतालों को गैस उपलब्ध होने के दावे करते हुए एक नहीं दो-तीन टैंकर गैस आगरा पहुंचने का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत उनके दावों के उलट दिखाई दे रही है।