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जुनून और साइकिलिंग के प्रति दीवानगी आ​सिम की दीवानगी के सभी कायल, दे रहा गो ग्रीन गो क्लीन का संदेश

by admin
Passion and passion for cycling everyone is convinced of Asim's obsession

आगरा। जुनून और साइकिलिंग के प्रति दीवानगी का दूसरा नाम है आसिम। त्रिपुरा से आया युवक देख रहा गो ग्रीन गो क्लीन का संदेश। जानिए इस 25 साल के युवक के बारे में।

साइकिलिंग स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक होती है लेकिन इसे पर्यावरण से जोड़ दिया जाए तो इसका महत्व भी दोगुना हो जाता है। साइकिल के दीवानों की आज भी कोई कमी नहीं है। लोग साइकिलिंग करते हुए देश भ्रमण पर भी निकल जाते हैं। काफी लोगों ने तो पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए साइकिल से ही अपनी यात्रा तक तय कर ली है। ऐसा ही जुनून और साइकिलिंग के प्रति दीवानगी आसिम नाम के युवक में देखने को मिली जो त्रिपुरा से निकला है और देश भ्रमण करते हुए गो ग्रीन गो क्लीन का संदेश देते हुए लोगों को जागरूक बना रहा है।

आसिम त्रिपुरा ईस्ट का रहने वाला है। इस युवक की कहानी भी आम बच्चे की ही तरह है। आशिम को बचपन से ही साइकिल चलाने का शौक रहा है। प्लेन के सफर की बजाए अगर उन्हें कोई खटारा साइकिल मिल जाये तो वो साइकिल से सफर करना ही पसंद करते हैं। आसिम जैसे-जैसे बढ़ा हुआ साइकिल के प्रति उनकी दीवानगी और ज्यादा बढ़ने लगी और उन्होंने साइकिल से ही कुछ ऐसा करने के लिए ठान लिया जिसे पूरा देश समाज और उनके चाहने वालों पर उन्हें गर्व हो। आज वह साइकलिंग करते हुए पूरे देश का भ्रमण करते हुए गो ग्रीन गो क्लीन के नारे को सार्थक बनाने और लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे हैं।

साइकिल की सवारी से पर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है। पूरे देश को गो ग्रीन गो क्लीन का संदेश देने के लिए 3 माह पूर्व त्रिपुरा से उन्होंने साइकिल से ऑल इंडिया ट्रैवलिंग टूर की शुरुआत की थी। इसके बाद हिमाचल, पंजाब ,दिल्ली समेत 14 राज्यों में लगभग 5000 किमी का सफर करते हुए वो आगरा आये और ताजमहल का दीदार किया। आशिम ने बातचीत में कहा कि ताजमहल बनाने में कारीगरों ने अपना सारा टैलेंट लगा दिया है। इसकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।

आशिम ने बताया कि उनका ग्रेजुएशन का फाइनल ईयर है और इसके लिए अब वो यहां से एमपी होते हुए नेशनल हाइवे 4 पर चलकर कन्याकुमारी इंडिया बार्डर तक जाएंगे और वहां से वापस घर जाएंगे। आशिम फेसबुक और यूट्यूब पर बेठिकाना पेज चलाते हैं और अपने सारे टूर की जानकारी उसमे अपडेट करते हैं। आशिम के अनुसार यह डाटा उन्हें बाकी सब से कुछ अलग होने का सबूत है और पूरी जिंदगी की पूंजी भी है क्योंकि उन्होंने साइकिलिंग से सिर्फ यही कमाया है।

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