रेल बजट में यात्रियों के हाथ खाली लेकिन ये रही ख़ास बातें

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया। पिछले साल की तरह ही इस बार भी रेल बजट को इसके साथ ही पेश किया गया। लोगों की दिलचस्पी इस बात को लेकर थी कि क्या नए ट्रेनों या किराए से जुड़ा कोई ऐलान किया जाएगा? हालांकि, इन दोनों ही मुद्दों पर वित्त मंत्री ने अपनी स्पीच में कोई जिक्र नहीं किया।

आठ राज्यों में इस साल होने वाले चुनाव और अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए लोगो को उम्मीद थी कि वित्तमंत्री रेलवे किराये में कटौती करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। रेलयात्रियों को मायूसी हाथ लगी। जेटली ने रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये का फंड बजट में दिया है। पूरी भारतीय रेल को ब्रॉडगेज किया जाएगा। रेलवे को जारी किए गए फंड का बड़ा हिस्सा पटरियों और गेज को बदलने के लिए खर्च किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने साफ किया कि रेलवे में इस बार फोकस सेफ्टी, पटरियों की मरम्मत, तकनीक के इस्तेमाल पर ज्यादा जोर और धुंध में सेफ्टी वाले उपकरणों को बढ़ाने पर है। वित्त मंत्री के ऐलान से यह साफ है कि मोदी सरकार इस साल भी किसी लोकलुभावन ऐलान से बचते हुए रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते नजर आई।

वित्त मंत्री ने बताया कि स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए वाईफाई, एस्केलेटर्स और सीसीटीवी लगाए जाएंगे। जिन रेलवे स्टेशनों पर रोजाना 25 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही है, वहां एस्केलेटर्स लगाए जाएंगे। धीरे धीरे सभी स्टेशनों पर वाई फाई और सीसीटीवी लगाए जाएंगे। मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेन्स को लेकर भी कुछ बड़े ऐलान किए गए। मुंबई लोकल का दायरा बढ़ाया जाएगा। 90 किमी पटरी का विस्तार किया जाएगा। इस साल 700 नए रेल इंजन खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, 1200 वैगन, 5160 कोच भी रेलवे के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि 600 प्रमुख स्टेशनों को दोबारा से विकसित करने का काम शुरू किया गया है। मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विस्तार दिया जा रहा है। बेंगलुरु में 160 किमी के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क तैयार करने की योजना है। जेटली ने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए सितंबर 2017 में आधारशिला रखी गई थी। अब वडोदरा में इसके लिए एक संस्थान की स्थापना की जाएगी, जहां इन प्रोजेक्ट्स के लिए लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, 10 प्रमुख पर्यटन के महत्व वाली जगहों को आईकॉनिक टूरिजम डेस्टिनेशन में तब्दील करने का भी प्रस्ताव है।

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