रविवार से शुर हो रहे हैं नवरात्र, जाने पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि

कल 18 मार्च रविवार से चैत्र नवरात्र और उतरा-भाद्रपद नक्षत्र एवं मीन राशि में विक्रम संवत 2075 का आरंभ हो जाएगा। ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। नए साल के राजा होंगे नवग्रहों के प्रधान सूर्य देव और मंत्री बनेंगे उनके पुत्र शनि महाराज। पिता-पुत्र एक दूसरे के विरोधी हैं। इसके बावजूद पिता का पलड़ा भारी रहेगा। संसार में भारत का मान बढ़ेगा। नवरात्र का आरंभ और विश्राम रविवार पर होना बेहद शुभ संयोग है।

2018 के चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रहे हैं इसलिए नौ नहीं आठ दिन मनाया जाएगा नवदुर्गा का पर्व नवरात्र। कुछ वर्षों से तिथियों में उतार-चढ़ाव आ रहे हैं। पिछले 4 वर्षों के दौरान नवरात्र 9 दिन के न होकर 8 दिन ही मनाए जा रहे हैं। कल सूर्य उदय के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी आरंभ हो जाएगा। संध्या समय सूर्यास्त के साथ ही समाप्त होगा। घट स्थापना के साथ भगवती उपासना का आरंभ होगा।

आज शाम 17 मार्च को 7.41 बजे से प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी लेकिन मान्य तिथि 18 मार्च सूर्योदय ही मानी जाएगी। 18 मार्च से लेकर 25 मार्च तक नवरात्र रहेंगे। 24 मार्च शनिवार को श्री दुर्गा अष्टमी सुबह 10:06 के बाद आरंभ होगी। 25 मार्च रविवार को श्री रामनवमी व्रत, भगवान श्री रामचंद्र जी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। श्री दुर्गाष्टमी सुबह 8:03 मिनट तक रहेगी तत्पश्चात नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी। 25 मार्च रविवार की तिथि पर अष्टमी-नवमी पर सूर्योदय होगा। अत: इस दिन कंजक पूजन करना शुभ रहेगा।

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