मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन 2018 ने जाना पुनर्वासन केंद्र में हाथियों का हाल

मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन 2018 डी-एन केंटीश रोजर्स ने वाइल्डलाइफ एसओएस के मथुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र पहुँची जहाँ पर मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन ने केंद्र में हाथियों के रखरखाव की व्यवस्था को जाना और वन्यजीव संरक्षण के प्रति सतर्कता दिखाते हुए भारत में हो रहे एशियाई हाथियों की बदहाली के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

हाथी संरक्षण केंद्र पहुँचने पर वन्यजीव संरक्षण संस्था के सह संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने उनका स्वागत सत्कार किया जिसके बाद उन्हें पूरे सेंटर का भ्रमण करते हुए हाथी संरक्षण केंद्र की विस्तृत जानकारी दी। हाथियों के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने आशा, पीनट, कोकोनट और चंचल हथनी की पूर्व दयनीय स्थिति के बारे मे जाना जिसको सुन कर वह काफी भावुक हो गई। बाद में उन्होंने संस्था के वेटरनरी डॉक्टर्स से भी इन हाथियों के उपचार के बारे में जानकारी ली और जिसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर भी लोगों से वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देते हुए संस्था के काम की तारिफ भी करी।

1995 में स्थापित वाइल्डलाइफ एसओएस ने विश्व के सबसे बड़े भालू संरक्षण केंद्र की स्थापना की थी जिसके बाद 2010 में मथुरा में संस्था ने हाथी संरक्षण केंद्र की स्थापना करी जहां पूरे भारत से गैरकानूनी तरीके से रखे गए हाथियों को उपचार हेतु रेस्क्यू कर पुनर्वासन केंद्र में लाया जाता है।

हाथी संरक्षण केंद्र का भ्रमण करने के बाद डी-एन केंटीश रोजर्स ने कहा मुझे हाथियों से मिल कर और वाइल्डलाइफ एसओएस के कार्यो के बारे में जानकर बेहद खुशी हुई। इन हाथियों ने अपने जीवन में बहुत सारी यातनाएं झेली है किसी ने सर्कस में तो किसी ने सड़क पर भीख मांग कर, परन्तु इस बात की मुझे खुशी है कि अब यह वापस से ज़िन्दगी को अपने तरीके से जी सकते है। में लोगों से यह विनती करती हूं कि वह वाइल्डलाइफ एसओएस के कार्यो के बारे में जाने और उन्हें सहयोग दें।

कार्तिक सत्यनारायण, सह संस्थापक, वाइल्डलाइफ एसओएस ने कहा कि पिछले 3 साल से मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन की विजेता हमारे सेंटर पर संरक्षण कार्यो के बारे में जानकारी लेने आती रहीं हैं। यह देख कर हमें बेहद खुशी है कि लोग हमारे कार्यो से प्रेरित हो कर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए और भी लोगों को प्रेरित करते है। वाइल्डलाइफ एसओएस का उद्देश्य है कि लोगों को वन्यजीव संरक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त कराये साथ ही साथ इन हाथियों को बेहतर ज़िन्दगी देने का मतलब भी समझाये।

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