जानिये किसने कहा कि कुछ नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए किया शिक्षा का सर्वनाश

मथुरा। शिक्षा सबसे बड़ा धन और सम्पदा है। एक सरकार ने शिक्षा को भगवाकरण दूसरी ने तुष्टीकरण तो तीसरी सरकार ने नकलीकरण कर दिया है जबकि शिक्षा का विस्तार कर हर किसी को शिक्षित बनाने की कवायद करनी चाहिये। यह विचार एसआरसी नर्सिंग एण्ड पैरामेडीकल इंस्टीट्यूट रसूलपुर में शिक्षा और रोजगार विषय पर आयोजित संगोष्ठी में आश्वासन समिति के सभापति, पूर्व मंत्री व मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि शिक्षा का सबसे ज्यादा विनाश नेताओं ने किया है। वर्तमान सरकार चार साल में चार लोगों को भी रोजगार नहीं दे पाई है। हर जगह निजीकरण हो गया है।

उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष व ब्रज प्रेस क्लब अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने कहा कि शिक्षा में सुधार की आवश्यकता है। समाजसेवियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर आगे आना चाहिए। सरकारों को शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की प्राथमिकता होनी चाहिए। रालोद नेता डा.अशोक अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रदान करना ही असली समाज सेवा है। जबकी इस क्षेत्र में बहुत कम लोग काम कर रहे हैं। कॉपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन रमेश चौधरी ने कहा कि शिक्षा ही वह धन है, जिसको जितना ज्यादा बांटेंगे वो और ज्यादा ही बढ़ती जायेगी। सौंख के चेयरमैन भरत सिंह कुंतल, एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने भी संगोष्ठी को सम्बोधित किया।

एसआरसी नर्सिंग एण्ड पैरामेडीकल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रूपेन्द्र चौधरी ने सभी अतिथियों आभार व्यक्त करते हुए स्वागत किया। संगोष्ठी में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। इस दौरान अतिथियों द्वारा बच्चों को पुरस्कार प्रदान भी किये गये। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आर्यवीर दल के महामंत्री विवेक प्रिय आर्य, मानवेन्द्र चौधरी, राजीव तिवारी आदि मौजूद रहे। 

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