गंदगी के बीच शिक्षा लेने को मजबूर भारत का भविष्य

फतेहपुर सीकरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी भाजपा देश को स्वच्छ बनाने और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने पर जोर दे रही है लेकिन उन्ही के जनप्रतिनिधि इस अभियान की धज्जियां उड़ा रहे है। ऐसा ही कुछ नजारा फतेहपुर सीकरी के परिषदीय विद्यालयों में देखने को मिल रहा है। एक तरफ भाजपा स्वच्छ्ता का सन्देश चारों और दे रही है तो वहीं फतेहपुर सीकरी के काँदऊवार में प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी गंदगी में पढ़ने को मजबूर है। विद्यालय परिसर में सुअर, कुत्ते और आवारा पशु घूमते रहते है।

आपको बताते चलें कि ये विद्यालय फतेहपुर सीकरी से राजस्थान को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बना हुआ है। यहां से आए दिन क्षेत्र के विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियो के साथ अधिकारी भी निकलते है लेकिन गंदगी के बीच चलता स्कूल किसी को दिखाई नही देता है। जबकि इस विद्यालय में करीब 150 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है।

गंदगी के बारे में कर्मचारी से पूछे जाने पर उसका दर्द झलक गया। उनका कहना था कि गन्दी से इतने परेशान है कि स्कूल की रसोई में खाना तक नही बना सकते। बाहर रसोई की दीवार के पास ग्रामीण शौच करते हैं और क्षेत्रीय लोग कूड़ा भी डालते है, जिससे आवारा पशु विद्यालय में आ जाते है। यहाँ कुछ दबंगो ने स्कूल के एक हिस्से पर जबदस्ती कब्जा भी कर लिया गया है। वो दबंग स्कूल के एक हिस्से में अपनी भैंस को बंधता है, जिससे वहाँ और ज्यादा गंदगी है।

एक तरफ हमारे देश के प्रधानमंत्री स्वछ भारत की बात कर रहे है वहीं यहाँ नगर पालिका के कर्मचारी और अधिकारी मिलकर प्रधानमंत्री के सपनों पर गंदगी फैलाते नजर आ रहे है। यहाँ जब आप की नजर विद्यालय में बने शौचालय पर जाएगी तो सोचने पर मजबूर हो जाओगे कि इस गंदगी में बच्चे किस प्रकार शौच के लिए जाते होंगे।

रसोइया और अध्यापक का कहना था कि हमारे यहाँ पांचवी तक के स्कूल में काफी बड़ी बड़ी लडकिया भी हैं जिनको खुले में शौच जाने से बहुत दिक्कत होती है।

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