अश्लीलता निवारण दिवस के रूप में मनाएं होली त्यौहार

आगरा। जवाहर नगर खंदारी स्थित गायत्री चेतना केंद्र में गायत्री परिजनों द्वारा होली मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सपत्नीक गिरिराज किशोर कुलश्रेष्ठ और आर.सी. गौतम ने विधि विधान से पूजन और दीप यज्ञ करते हुए सर्व समाज में प्रेम सौहार्द और शांति पूर्वक होली का त्यौहार मनाए जाने की मंगल कामना की। पर्व पूजन बैजनाथ द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम के दौरान विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत इस होली पर्व को अश्लीलता निवारण दिवस के रुप में मनाए जाने पर चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि क्योंकि आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है इसलिए गायत्री तपोभूमि मथुरा के तत्वाधान में विचार गोष्ठी में यह निर्णय लिया गया कि गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित वैज्ञानिक अध्यात्म पर आधारित पुस्तकों का वितरण समाज में किया जाएगा। ताकि समाज विज्ञान और अध्यात्म के वास्तविक रूप को जान सके।

आँवलखेड़ा जोन के स्थानीय समन्वयक उमेश कुलश्रेष्ठ ने भारतीय पर्व त्योहारों में होली पर्व के महत्व को बताया। यह पर्व राष्ट्रीय चेतना की जागरण का पर्व है। बड़े छोटे का भेद भुलाकर सभी हर्ष उल्लास के साथ इसे मनाते हैं। कृषि प्रधान देश होने के कारण नवीन अन्य का यज्ञ करके उपयोग में लाने का क्रम बनाया गया है। भक्त पहलाद के दमन के लिए हिरण कश्यप ने होलिका द्वारा पहलाद को अग्नि में जलाने का प्रयास किया जिसमें होलिका खुद जलकर और भक्त पहलाद कंचन बन गए।

कार्यक्रम संयोजक अरुण साहू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय भौतिक वैज्ञानिक सी वी रमन को 1930 में विज्ञान के क्षेत्र में सफलता हासिल होने पर नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अथर्व रमन प्रभाव के आविष्कार को याद करने के लिए हर वर्ष 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। गायत्री परिवार पूज्य गुरुदेव के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक समन्वय पर प्रकाश डाला गया।
परिजनों द्वारा प्रेरणाप्रद गीतों की प्रस्तुतियां दी गई।

कार्यक्रम के अंत में सभी गायत्री परिजनों ने एक दूसरे पर फूल बरसाकर और चंदन लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। इसके बाद होली पर्व के विशेष व्यंजनों का वितरण किया गया जबकि समाज में वैज्ञानिक अध्यात्मवाद का प्रकाश फैलाने के लिए गायत्री परिजनों की एक टोली तैयार की गई जो कि जगह जगह भ्रमण कर सार्वजनिक स्थलों पर दीवार हैंगर लगाने का काम करेंगे।

इस अवसर पर एस के त्रिपाठी, एम एम शर्मा, उमेश कुशवाह, जगन्नाथ, महेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम बघेल, मनोरमा शर्मा, विजय लक्ष्मी, कपूर चंद्र रावत, जे पी शर्मा, नरवीर सिंह, विजय बघेल, एस. के. मिश्र, उपेंद्र चंसौलिया, मूलचंद, नरेंद्र कुमार, राम नारायण सक्सेना और गिरधर कुशवाह आदि मौजूद रहे जबकि संचालन सुरेश चंद्र सक्सेना ने किया।

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