किसानों ने हाथों में थामी जलती मशाल, देखिए वायरल वीडियो का सच

आगरा। आम जनमानस को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का काम करने वाला किसान जिसे अन्यदाता भी कहा जाता है, आज आवारा जानवरों से परेशान है। आवारा पशु किसानों की खड़ी फसलों को खराब कर रहे है इस समस्या से प्रदेश भर के किसान प्रदेश सरकार को अवगत करा चुके है लेकिन इस अन्नदाता की कही कोई सुनवाई नही हो रही है। किसान अब रात और दिन जागकर खेतों में खड़ी फसलों को किसी तरह सुरक्षित करने में लगे हुए है। अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए आवारा पशुओं के पीछे जलती आग को लेकर भागते हुए एक किसान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि दिन रात अपनी फसल की रखवाली करने में लगे किसान हाथों में जलती मशाल को आवारा पशुओं के पीछे लेकर भाग रहा है और अपनी खेत से आवारा पशुओं को खदेड़ रहा है।
आवारा पशुओं के पीछे जलती मशाल लेकर भागने का या वीडियो शमसाबाद ब्लॉक के बड़ोवरा खुर्द गांव का बताया जा रहा है जहाँ आवारा पशुओं का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा है। किसान के परिवार के लोग दिन-रात एक कर अपनी खड़ी फसल की रखवाली करने में लगे हुए है। रात के किसान अपनी फसल को बचाने के लिए खेत में जलती हुई मशाल लगाए हुए है और खेत मे पशु के घुसने पर उसे जलती मशाल से ही बाहर खदेड़ रहे हैं।

आवारा पशुओं की यह समस्या कुंडौल, शमशाबाद, फतेहाबाद, खंदौली और एत्मादपुर ब्लॉक के तमाम गांव में बन चुकी है। आवारा जानवरों से फसलों को बचाने के लिए करीब 1200 छोटे बड़े किसान मिलकर अपने खेतों की फेंसिंग करा रहे है। खेतों की फेंसिंग कराने में करीब एक करोड़ रूपये खर्च हो रहे है। पलक झपकते ही आवारा जानवर खेतों में घुस जाते है और पूरी की पूरी फसल चट कर जा रहे हैं। दिन में किसानी और रात में रखवाली, आगरा के तमाम गांव के किसानों की यही दिनचर्या बन गयी है। खेती से मुनाफा नहीं मिल रहा है और बाजार से 80 से 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कटीले तारों को खरीदकर खेत के चारों ओर फेंसिंग कर अपनी खेती बचाने में लगे हुए है।

पीड़ित किसानों का कहना है कि आवारा जानवरों की वजह से किसान अपने खेतों पर 24 घंटे लगातार रह रहे हैं। खेतों पर ही रात में सोने के लिए झोपड़ी डाल रखी हैं ताकि रात में भी इन जानवरों से अपनी फसल को बचाया जा सके। अगर रात में आवारा पशु आ जाते है तो जलती मशाल लेकर उसके पीछे भाग कर खेत से बाहर निकाल रहे है। किसानों का कहना है कि सरकार इन आवारा जानवरों को गौशाला तक पहुंचाने के लिए तमाम दिशा निर्देश दे रही है लेकिन ग्रामीण इलाकों में ये समस्या अब जनाक्रोश में तबदील हो रही है। पीड़ित किसानों का कहना है कि किसानों के इस आक्रोश का सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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