Home आगरा 30 घंटे बाद 40 परिवारों के घर जला चूल्हा, 600 लोग अब भी कर रहे हैं राशन-खाने का इंतजार

30 घंटे बाद 40 परिवारों के घर जला चूल्हा, 600 लोग अब भी कर रहे हैं राशन-खाने का इंतजार

by admin

आगरा। कोरोना से भले ही पूरा देश जूझ रहा हो लेकिन कोरोना की मार सबसे ज्यादा उस गरीब तबके पर पूरी तरह से देखने को मिल रही है जो दिहाड़ी मजदूर हैं और सड़क व नाले के किनारे झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले हैं। ऐसे कुछ परिवार के लोगों को प्रशासन की ओर से पूरी तरह से मदद मिल पा रही है, उनके पास आर्थिक संपन्नता भी नहीं है जिससे वो राशन खरीद कर अपने परिवार का पेट भर सकें। ऐसे ही कुछ लोग जगदीशपुरा क्षेत्र में रहने वाले हैं जिनके घरों में लॉक डाउन के बाद चूल्हा तक नहीं जला और घरों में जो खानपान की वस्तुएं थी वह भी खत्म हो गई।

ऐसे में इन पीड़ित परिवारों से समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले इन परिवारों ने जो दर्द सुनाया उसके चलते उनकी भी आंखों में आंसू आ गए। इन पीड़ित गरीब तबके की मदद के लिए उन्होंने फोन के माध्यम से अपने संपर्क के लोगों से बात करना शुरू किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित और उनके मित्र आकाश जैन मदद के लिए आगे आए और उन्होंने ने एक-एक कुंतल आटा उपलब्ध कराया। यह मदद मिलने के बाद समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट ने अपने ही घर पर पांच 5 किलो के आटे के पैकेट बनाए और उन पीड़ित परिवारों को भेंट किए जिससे उनकी मदद हो सके।

आरटीआई एक्टिविस्ट और समाजसेवी नरेश पारस ने बताया कि संकट की यह घड़ी किसी जंग से कम नहीं थी। आखिरकार तीस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ऐसे 40 परिवारों के घरों का चूल्हा जलाने में उन्हें सफलता मिल ही गई। इन 40 परिवारों को आटा उपलब्ध कराया गया, तब जाकर इनके घरों में रोटी बन पाई। उन्होंने बताया कि इन परिवारों की जानकारी उन्होंने स्थानीय प्रशासन को दी लेकिन सरकारी मशीनरी इन परिवारों की मदद नहीं कर पाई जिसके बाद उन्होंने अपने लोगों से संपर्क किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित और एक मित्र ने उनकी मदद की और उन्हें आटा उपलब्ध कराया। घर पर ही उस आटे के पांच 5 किलो के पैकेट बनाकर ऐसे परिवारों को दिए जिससे हर परिवार तक यह राशन पहुंच सके।

समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया कि उन्होंने सिर्फ 40 परिवारों की मदद कर पाई है लेकिन जगदीशपुरा क्षेत्र में ऐसी लगभग 600 परिवार हैं जो राशन के लिए तरस रहे हैं। इसलिए इस मुहिम को जारी रखा जाएगा जिससे हर पीड़ित की मदद हो सके।

समाजसेवी और आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने ऐसे लोगों को साधुवाद किया है जिन्होंने इस संकट की घड़ी में ऐसे परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाई।

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