Home प्रशासन अधिवक्ताओं ने आगरा पुलिस पर लगाए झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोप, फूंका पुतला

अधिवक्ताओं ने आगरा पुलिस पर लगाए झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोप, फूंका पुतला

by admin
Advocates accuse Agra Police of registering false cases, burnt effigy
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Agra. अधिवक्तओं पर लगे मुकदमे और उत्पीड़न को लेकर गुरुवार को अधिवक्ताओं ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित अधिवक्ता भारी संख्या में दीवानी के बाहर एमजी रोड पर एकत्रित हुए और पुलिस व प्रशासन का पुतला फूंक दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने रोड जाम कर दिया। रोड जाम होने से वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई, घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया जिसके बाद आवागमन शुरू हुआ।

जिला अधिवक्ता एसोसिएशन ने दीवानी चौराहा पर तो हिंदूवादी संगठनों ने अपने अपने कार्यालय पर बैठक आयोजित की। इस बैठक में अधिवक्ताओं के ऊपर से मुकदमे को हटाए जाने और अधिवक्ताओं पर हमला करने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई। गुरुवार सुबह लगभग 11:00 बजे पुलिस की कार्यप्रणाली से आक्रोशित अधिवक्ता एमजी रोड पर एकत्रित हुए और पुलिस व प्रशासन का पुतला फूंका अपना आक्रोश व्यक्त किया।

आक्रोशित अधिवक्ताओं का कहना था हाल ही में वरिष्ठ अधिवक्ता अधर शर्मा के परिवार पर कुछ दबंगों ने हमला किया। इस हमले के 3 दिनों बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों को छोड़ भी दिया लेकिन इसी घटना का एक तीसरा मुकदमा दर्ज होना था जो आज तक दर्ज नहीं हुआ। हाल ही में इस मामले की सुनवाई के दौरान दबंगों ने दीवानी परिसर में ही अधिवक्ता पर हमला बोला।

7 जून को जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा मॉर्निंग वॉक के दौरान एक दबंग ने उनको अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुए। इसमें अध्यक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया लेकिन शाहगंज थाना अध्यक्ष की मिलीभगत के चलते हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

22 जून को जिला मुख्यालय में अधिवक्ता सचिन प्रताप भदौरिया पर कुछ हमलावरों ने हमला कर दिया। उस समय वह अपने क्लाइंट से बात कर रहे थे। इस मामले में भी पुलिस की लचर प्रणाली देखने को मिली। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई और पुलिस ने अधिवक्ता के ही खिलाफ दो झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए।

फिलहाल आक्रोशित अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही पुलिस ने अधिवक्ताओं पर हमला करने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की और अधिवक्ताओं को पर जो झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं उन्हें वापिस नहीं दिया गया तो अधिवक्ता अपने हक की लड़ाई के लिए किसी भी हद तक जाने को मजबूर होंगे।

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