अब पुलिस को भी पड़ी अपनी सुरक्षा की ज़रूरत, जाने किससे

आगरा के एसएसपी ऑफिस में लंगूर की तैनाती की गई है। एसएसपी ऑफिस में आने वाले पीड़ित कलेक्ट्रेट में आने वाले वादी प्रतिवादी और राहगीर लोगों के लिए ये लंगूर कोतुहल का विषय बना हुआ है।

दरअसल आपको बताते चलें कि ताज नगरी आगरा के कलेक्ट्रेट ऑफिस में बंदरों का आतंक है। जिला अधिकारी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय के अलावा यहां लोगों की काफी भीड़ रहती है और बंदरों का आतंक इतना है कि ना तो लोग यहां ढंग से निकल पाते हैं और ना ही ऑफिस में काम काज ठीक से हो पाता है। बंदरों के आतंक से निपटने के लिए आगरा पुलिस ने नया तरीका खोज निकाला है। आगरा के एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर एसएसपी आगरा के कार्यालय में लंगूर की तैनाती की गई है।

SP प्रोटोकॉल त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी कहते हैं कि कलेक्ट्रेट में एसएसपी कार्यालय में बंदरों का आतंक था। आतंकित बंदर कंप्यूटर तोड़ देते थे। लीड तोड़ देते थे और सरकारी दस्तावेज फाड़ देते थे। बंदरों के आतंक से निपटने के लिए लंगूर की तैनाती की गई है।

आगरा के एसएसपी कार्यालय में तैनात यह लंगूर विशेष ट्रेनिंग प्राप्त है। बंदर लंगूर को देखते ही नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। साथ ही साथ इस लंगूर के साथ में एक विशेष ट्रेनर भी चलता है जो समय समय पर लंगूर को बंदरों से भगाने के दिशा निर्देश भी देता है। SP प्रोटोकॉल त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी कहते हैं कि बंदर की तैनाती के लिए पुलिस विभाग कुछ खर्च भी बहन कर रहा है।

अपराध और अपराधी का खात्मा करने वाली आगरा पुलिस बंदरों से डरी हुई है। यहां आतंकित बंदरो के दिल और जहन में खाकी का खौफ नहीं है। यही वजह है कि आगरा पुलिस बंदरों से निपटने के लिए अपने कार्यालय में लंगूर की तैनाती कर रही है।

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