‘जिस देश की अपनी राष्ट्र भाषा नहीं होती वह राष्ट्र जीवंत नहीं होता’ – रामेंद्र त्रिपाठी

आगरा। ‘1942 में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन अंग्रेजों को देश से बाहर करने के लिए चलाया था, अब हिंदी को उसका उचित स्थान दिलाने के लिए अंग्रेजी भारत छोड़ो आंदोलन चलाना होगा और इस अभियान को देश की युवा शक्ति नेतृत्व प्रदान करती है, तो निश्चित ही हिंदी अपना अपेक्षित स्थान प्राप्त कर सकेगी’, यह कहना है सुप्रसिद्ध कवि रामेंद्र मोहन त्रिपाठी का। वह आगरा कॉलेज के एनसीसी आर्मी विंग द्वारा आयोजित हिंदी दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रुप में वर्चुअल मीट पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि जिस देश की अपनी राष्ट्रभाषा नहीं होती, वह राष्ट्र जीवंत नहीं होता। हिंदी हमारी मां है। उन्होंने हिंदी के विकास में आगरा के साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आगरा में ऐसे अनेक कवि, लेखक और साहित्यकार रहे हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी के द्वारा हिंदी को समृद्ध किया। उन्होंने अपनी पहली कविता ‘जय हो जननि की, जय जन्म भूमि की, जय माथे की बिंदी की, जय देवनागरी हिंदी की’ सुनाकर कैडेट्स को राष्ट्रभाषा के प्रति मन में सम्मान और आदर करने के लिए प्रेरित किया।

एनसीसी आगरा कॉलेज के कंपनी कमांडर लेफ्टिनेंट अमित अग्रवाल ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने में भारतीय सेना के जवानों का बहुत बड़ा योगदान है। देश के सुदूर क्षेत्रों में जहां-जहां हमारे सेना के जवान होते हैं, वे किसी भी भाषा के बोलने वाले हों, लेकिन हिंदी उनके मुख पर होती है। हमें अंग्रेजी बोलने के फैशन से उबरना होगा और हिंदी को लोकप्रिय बनाने हेतु विज्ञान व तकनीकी के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने होंगे।

वेबिनार में आगरा कॉलेज हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विजय कुमार सिंह एवं ऋतुराज त्रिपाठी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वेबिनार का संचालन सार्जेंट वेदवती ने किया। स्वागत एसयूओ आशुतोष कुमार एवं परिचय कैडेट चेतन कुमार ने दिया। अंडर ऑफिसर अनिकेत शर्मा ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम की भूमिका सार्जेंट तनिष्का माथुर ने रखी।

इस अवसर पर कैडेट रेशमा, तनु मौर्य, आशीष कुशवाह, दीपक कुमार, गौरव उपाध्याय आदि कैडेट्स ने हिंदी के उत्थान के लिए अपने विचार व्यक्त किए। वेबिनार के दौरान एसयूओ शुभम यादव, एसयूओ लक्ष्मी वसबराज, यूओ शिवानी परमार, यूओ विश्वजीत सिकरवार, प्राची शर्मा, प्रियांशु सिंह, प्रांजल शर्मा, अनन्या श्रीवास्तव, ममता, प्रियंका आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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