ईद पर आगरा में दिखा भाईचारे का प्रेम, नमाज़ अदा कर मांगी अमन-चैन की दुआ

आगरा। सोमवार को हर्षो उल्लास के साथ बकरीद का पावन पर्व मनाया गया। बकरीद की नमाज अदा करने के लिए भारी संख्या के लोग शहर की मस्जिदों में पहुँचे। सबसे पहले बकरीद की नमाज आगरा की ईदगाह मस्जिद पर हुई। शहर मुफ्ती ने सभी मुस्लिम भाइयों को बकरीद की नमाज अदा कराई। इस दौरान सभी ने अल्लाह की इबादत की और शहर के साथ मुल्क में अमन चैन कायम रहे इसकी दुआ की।

नमाज अदा होने के बाद सभी मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे को बकरीद की बधाई दी। इस मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस अवसर पर तमाम हिंदुओ ने भी मुस्लिम भाइयों को गले लगाया और उन्हें ईद की मुबारक बाद दी। शहर में हिन्दू मुस्लिम भाई चारे के पैगाम दिया।

बकरीद को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे तो नगर निगम ने भी अपनी सफाई की व्यवस्था को पुख्ता कर रखा था। इस मौके पर पहुँचे जनप्रतिनिधियों ने सभी मुस्लिम भाइयों को गले लगाया और उन्हें ईद की मुबारक बाद दी।

जनप्रतिनिधियो का कहना था कि ईद भाईचारे और खुशी का पैगाम देती है। इसलिए हमें सिर्फ शहर की तहजीब को प्राथमिकता रखते हुए कट्टरता को त्यागना होगा। इस अवसर पर पुलिस के आलाधिकारियों ने भी मुस्लिम भाइयों से प्रेम सौहार्द के साथ इस पर्व को मनाने और घर के अंदर बिना विवाद के कुर्बानी करने की अपील की।

मुस्लिम भाइयों का कहना था कि इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान में बकरीद का स्पष्ट वर्णन मिलता है। ऐसा बताया जाता है कि अल्लाह ने एक दिन हजरत इब्राहिम से सपने में उनकी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी मांगी। हजरत इब्राहिम अपने बेटे से बहुत प्यार करते थे लिहाजा उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया। अल्लाह का हुकुम मानते हुए हजरत इब्राहिम जैसे ही अपने बेटे की गर्दन पर वार करने गए लेकिन अल्लाह ने उस बच्चे को बचाकर एक बकरे की कुर्बानी दिलवा दी तभी से बकरीद मनाई जाती है। ईद-उल-जुहा यानी बकरीद हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में ही मनाया जाता है।

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