ताज़महल में नमाज़ के दौरान सुरक्षाकर्मियों की अटकी रही सांसे, जाने क्यों

आगरा। सोमवार को श्रावण माह का आखरी सोमवार था तो मुस्लिम समाज का पर्व बकरीद भी थी। दोनों पर्व एक दिन पर ही होने से पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बड़ी हुई थी क्योंकि हिंदूवादियों ने सावन माह के हर सोमवार को ताजमहल को तेजोमालय मानकर पूजा अर्चना और आरती का ऐलान कर रखा था। बकरीद पर भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करने के लिए पहुँच रहे थे।

हिंदूवादियों के ऐलान को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ताजमहल और उसके आसपास सुरक्षा व्यस्था को कड़ा कर रखा था तो ताजमहल के अंदर सीआईएसएफ, एएसआई और सिविल फोर्स में मोर्चा संभाल रखा था।

मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस के साये में दुनिया को मोहब्बत का पैगाम देने वाले ताजमहल में ईद-उल-जुहा (बकरीद) की नमाज अदा की। ताजमहल में 9 बजे करीब नमाज अदा हुई। नमाज अदा होने के बाद सभी ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और शांति के साथ इस पर्व को मनाने की अपील की।

नमाज के दौरान सुबह 7 से 10 बजे तक ताजमहल भ्रमण निशुल्क था तो भारी संख्या में लोग ताजमहल देखने भी पहुँचे। ऐसे में ताजमहल की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई। नमाज अदा होने के दौरान किसी भी हिंदूवादी संगठन का प्रदर्शन व अन्य किसी तरह का कार्य न होने से पुलिस ने राहत की सांस ली।

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