न्यूज़ 18 कार्यक्रम ‘सुशिक्षा – शिक्षा प्रणाली पर महामंथन’ में डॉ. सुशील गुप्ता ने रखे ये अहम बिंदु

आगरा। शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने योग्य बनाना ही नहीं है बल्कि उससे भी अधिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सुयोग्य, संस्कारवान एवं कुशल बनाना है, जिससे आने वाले समय में देश के कर्णधार केवल शिक्षित ही नहीं बल्कि काबिल भी बनें। इन्हीं उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ही 27 सितम्बर, 2019 को नोएडा के पाँच सितारा ‘होटल हाॅली डे इन’ में ‘सुशिक्षा – शिक्षा प्रणाली पर महामंथन ‘ पर देश के सबसे बडे़ न्यूज चैनल न्यूज 18 द्वारा वार्ता का आयोजन किया गया। वार्ता में कुल 12 वक्ताओं (पैनलिस्ट) ने भाग लिया। वार्ता तीन सत्रों में आयोजित की गई। प्रत्येक सत्र में चार पैनलिस्ट सम्मिलित थे।

आगरा शहर से वार्ता में प्रतिनिधि के रूप में डाॅ. सुशील गुप्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को ‘सर्टिफिकेट आफ एक्सीलैंस ‘ से सम्मानित किया गया।

सुशिक्षा – शिक्षा प्रणाली को लेकर आयोजित मंथन में मुख्य रूप से कई बिंदुओं पर चर्चा की गई जो इस प्रकार है।

1:- हमारी नई शिक्षा नीति -इस शिक्षा नीति के क्या-क्या महत्वपूर्ण बिंदु हैं। उसमें सामने आने वाली परेशानियों और उसके संशोधन के विषय में विस्तृत चर्चा हुई।

2:- सरकार द्वारा RTE के तहत देश की शिक्षा के स्तर को सुधारने के प्रयास की सराहना के साथ-साथ उसके पालन में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों द्वारा झेली जा रही परेशानियों पर भी गहन प्रकाश डाला गया।

3:- वार्ता का सबसे अहम् मुद्दा था-छात्रों में निरंतर मानवीय मूल्यों का ह्रास। आज चारों ओर मानवीय मूल्यों की गिरती स्थिति का प्रारंभ छात्र-जीवन से ही होना प्रारंभ हो गया है, इसके स्तर को सुधारने के विविध सुझाव भी वार्त में साझा किए गए।

4:- एक और समस्या जो विकराल रूप धारण करती जा रही है, वह है- शिक्षा के क्षेत्र में असफल रहने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या। ऐसे छात्रों में कुंठा और तनाव को दूर करना आवश्यक है। अतः ऐसे छात्रों को प्रेरित करने के लिए उनको सलाहकार के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के जीवन के विषय में विस्तृत जानकारी दिलवाए जाने की जरूरत पर बल दिया गया, जिन्होंने शैक्षणिक रूप से असफल हाने के बाद भी जीवन में बुलंदियों को छुआ है।

5:- वार्ता में इस विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई कि कक्षा आठ के बाद ही छात्रों का अभिरुचि (एप्टीट्यूट) का परीक्षण किया जाना चाहिए, जिससे कक्षा नौ में छात्र अनावश्यक दबाव में आकर अरुचि के विषय न पढें और अपनी योग्यता का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

6:- आज 80 प्रतिशत छात्र प्राइवेट विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसा सिर्फ इस वजह से है कि निजी विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता स्तर को उच्च स्तर तक ले जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार द्बारा प्राइवेट विद्यालयों और काॅलेजों पर अनावश्यक रूप से सख्ती एवं उनकी कार्यप्रणाली व संचालन में हस्तक्षेप शिक्षा के स्तर में गिरावट का कारण बन जाएगा।

इस सेमिनार में प्रतिभाग करने वाले अपसा के अध्यक्ष डॉक्टर सुशील गुप्ता ने खुलकर इन सभी बिंदुओं खुलकर बोले और किस तरह से शिक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है, छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सकता है, इस विषय पर अपने विचार भी रखें जिनको सभी लोगों ने सराहा। मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डॉ सुशील गुप्ता को उनके शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए ‘सर्टिफिकेट आफ एक्सीलैंस ‘ से सम्मानित किया गया।

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