आख़िरकार… गार्गी हार गयी जिंदगी की जंग, शहर हुआ गमनीम

आगरा। जिस बेटी के लिए पिछले 9 दिन से पूरा आगरा शहर दुआ कर रहा था वह गार्गी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई और शनिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। शहरवासियों ने गार्गी को बचाने के लिए सेव गार्गी के नाम से व्हाट्सअप ग्रुप बनाया था। इसी ग्रुप से सबसे पहले गार्गी के निधन होने की जानकारी शहरवासियों को हुई।

बता दें कि हरीपर्वत मदिया कटरा निवासी ऑटो पार्ट्स के विक्रेता आनंद शर्मा की पुत्री वजीरपुरा मार्ग पर सेंट पैट्रिक स्कूल में रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने गयी थी। गार्गी सुबह साढ़े दस बजे फार्म भरने के बाद सहपाठी सिद्धि सोलंकी निवासी लॉयर्स कॉलोनी के साथ लौट रही थी। दोनों सहेलियां अलग-अलग एक्टिवा पर थीं। स्कूल के गेट से निकलकर कुछ दूर चलते ही पीछे से आए नगर निगम के डंपर ने गार्गी के एक्टिवा में टक्कर मार दी। इससे वह अनियंत्रित होकर गिर गई, डंफर का पिछला पहिया उसके बाएं पैर के ऊपर से निकल गया था।

छात्रा को गंभीर हालत में जीजी नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। वहां से डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया था लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ने पर उसे मथुरा के नयति हॉस्पीटल में भर्ती कराना पड़ा था।

एक्सीडेंट होने के बाद साहसी गार्गी जब तक होश में रही मां अनीता समेत परिवार के अन्य लोगों को हौसला बंधाती रही थी। बुरी तरह लहूलुहान होने के बावजूद वह हंसकर परिवार के लोगों को परेशान नहीं होने को कहती रही।

गार्गी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से शहर के हर व्यक्ति की सहानुभूति उससे जुड़ गई थी। शहर के लोग गार्गी के इलाज में आर्थिक सहायता देने के लिए स्वयं ही आगे आ रहे थे। इतना ही नहीं विभिन्न स्कूलों के छात्र- छात्राओं और अभिभावकों ने सेव गार्गी के नाम से वाट्सअप पर गु्रप भी बना लिया था, जिसमें सिर्फ गार्गी की सेहत से जुड़ी बातें ही चल रही थीं।

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